Tue, 16 Jun 2026
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*देश को हार्ट अटैक के खतरे में झोंकने वाले पीएम मौन क्यों: राजेश राठौड़*

*कोरोना त्रासदी से बड़ा मोदी का कोविशील्ड कहर: राजेश राठौड़*

*चंदे के खातिर पीएम ने  भारतीयों की जान डाली जोखिम में: राजेश राठौड़*

 

*पटना. मंगलवार, 30 अप्रैल, 2024 (विक्रांत मदान) :

ब्रिटेन के कोर्ट में एस्ट्राजेनेका कंपनी के द्वारा कोरोना के कोविशील्ड वैक्सीन से ब्लड क्लोटिंग के खतरे वाले स्वीकारोक्ति हलफनामे के बाद बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कोरोना की भीषण त्रासदी से भी ज्यादा  प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का यह कोविशील्ड कहर आम भारतीयों पर बुरी तरह प्रभावित करेगा। कोरोना के भयावह परिस्थिति को याद करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी स्थितियों को जानते हुए भी सभी भारतीयों को केवल सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से चंदा लेने के खातिर इस वैक्सीन के बिना वाजिब जांच के लगाने को मजबूर किया। देश में हाल में बढ़े हर्ट अटैक के मामले यह बताने को काफी है कि इस वैक्सीन के कारण देश में असमय लोगों की मृत्यु हो जा रही है और कई परिवार बर्बाद हो जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आकर इस बात के लिए देश की जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी गलत नीतियों के कारण और 52.5 करोड़ के चंदे के खातिर उन्होंने कई जिंदगियां बर्बाद करने का फैसला ले लिया। वैक्सीनेशन के बाद  हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की हजारों वीडियो सामने आईं, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने आज तक इस मामले का संज्ञान नहीं लिया और अब ब्रिटिश कोर्ट में कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी ने जब स्वीकारा है कि वैक्सीन से खून जमने की शिकायत हो सकती है और इसके चलते व्यक्ति में ब्रेन स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं तो अब इस वैक्सीन की दो दो डोज और तीसरा बूस्टर डोज देने के भारत सरकार के फैसले को समीक्षा की जानी चाहिए थी लेकिन भारत में कोविशील्ड बनाने वाले सीरम इंस्टिट्यूट ने भाजपा को 52.5 करोड़ का चुनावी चंदा दिया था और उन्हें हमारे प्रधानमंत्री ने हजारों लोगों की मौत के बाद भी एक कमिटी तक नहीं बनाई। लोग कीड़े मकोड़ों की तरह मारे जा रहे हैं और प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में मुगलों और मंगलसूत्र की बात कर रहे हैं जबकि उनपर कायदे से हजारों जिंदगियों को काल कवलित करने और करोड़ों लोगों को असमय मृत्यु के मुंह में झोंकने के लिए अपराधी घोषित करके सजा देनी चाहिए।


 

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