ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਨਗਰ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਬੰਦ ਪਈਆਂ ਲਾਈਟਾਂ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ
बच्चों का सा मिज़ाज है तख़्लीक़-कार का
अपने सिवा किसी को बड़ा मानता नहीं
मतीन नियाज़ी
तूफ़ाँ से बच के डूबी है कश्ती कहाँ न पूछ
साहिल भी ए'तिबार के क़ाबिल नहीं रहा
मतीन नियाज़ी
खेल का करके बहाना ज़िंदगी ऐसी छुपी
ढूँढने में उसको हम बच्चे से बूढ़े हो गए
राजेश रेड्डी
जितना होना था होके देख लिया
अब न होने से कौन डरता है
राजेश रेड्डी





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