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सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स पर सख्त फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना, रणवीर अल्लाहबादिया और बाकी के इंफ्लूएंसर्स को अपने चैनल पर बिना शर्त दिव्यांगों का मजाक उड़ाने के लिए माफी मांगने को कहा है। इसके साथ ही सरकार को भी दिशा-निर्देश बनाने के लिए कहा गया है, ताकि महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का अपमान या मजाक करने वालों पर रोक लगाई जा सके।
दिव्यांगों से अपने चैनल पर माफी मांगे
दरअसल यह मामला तब सामने आया था जब स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना, विपुल गोयल, बलराज परमारजीत सिंह घई, निशांत जगदीश तंवर और सोनाली आदित्य देसाई ने दिव्यांगजनों पर असंवेदनशील टिप्पणियां करने के आरोप लगाए। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी कॉमेडियन को अपने चैनल पर दिव्यांगों से माफी मांगने के लिए कहा है।
रणवीर को भी माफी मांगने के लिए कहा
सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही रणवीर इलाहाबादिया को भी बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। उन्होंने समय रैना के ही शो में माता-पिता पर कथित रूप से भद्दी टिप्पणियां की थी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई थी और उन्हें चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
सरकार को गाइडलाइन्स बनाने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे मामलों में इन इन्फ्लुएंसर्स पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) को निर्देश दिया गया है कि वह सोशल मीडिया पर इस्तेमाल होने वाली भाषा को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन्स तैयार करे। यह गाइडलाइन्स किसी एक घटना पर जल्दबाज़ी में न बने, बल्कि तकनीक और सोशल मीडिया से जुड़े व्यापक मुद्दों को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।
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