कफ सिरप खरीदने के नियम बदले, अब डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं मिलेगी दवा
पंजाब सरकार ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी विभागों को 5 लाख रुपये तक का सामान बिना टेंडर प्रक्रिया के खरीदने की अनुमति दे दी है। पहले यह सीमा 2.50 लाख रुपये थी। सरकार का कहना है कि इस संशोधन से विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा।
सोसाइटी और ट्रस्ट पर सख्ती, 1860 के बाद पहली बार बड़ा संशोधन
कैबिनेट ने सोसाइटी एक्ट में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी। अब पंजाब में पंजीकृत सोसाइटी और ट्रस्ट का वार्षिक ऑडिट अनिवार्य होगा। वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए एक प्रबंधक नियुक्त किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे सोसाइटी और ट्रस्ट के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।
माइनिंग वाहनों में GPS अनिवार्य, पारदर्शिता पर जोर
माइनिंग विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने माइनिंग वाहनों में GPS लगाने को अनिवार्य किया है। साथ ही, माइनिंग में होने वाली गड़बड़ियों की जांच के लिए एक नई अथॉरिटी का गठन होगा। GPS के माध्यम से वाहनों की ट्रैकिंग कर अवैध खनन पर नियंत्रण की कोशिश की जाएगी।
सहकारिता विभाग में जिम्मेदारियों का बंटवारा
सहकारिता विभाग में संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। अब किसी भी अधिकारी के पास दोहरी जिम्मेदारी नहीं होगी। पहले एक ही अधिकारी दो स्तरों पर सुनवाई करता था, जिससे शिकायतकर्ताओं में असंतोष रहता था। विभागीय व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नई जिम्मेदारियां अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी जाएंगी।
बॉर्डर इलाकों में सेवा देने वालों को विशेष इंसेंटिव
कैबिनेट ने बॉर्डर जिलों में कार्यरत शिक्षकों और डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सात जिलों में लागू होने वाली इस नीति का मसौदा अगली कैबिनेट बैठक में पेश किया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में 300 प्राइवेट स्पेशलिस्ट डॉक्टर इंपैनल होंगे
सेहत विभाग में सुधार के लिए सरकार अब 300 निजी विशेषज्ञ डॉक्टरों को इंपैनल करेगी। इन्हें ऑन-कॉल सेवा के आधार पर बुलाया जाएगा। ओपीडी और इंडोर मरीजों को देखने के लिए न्यूनतम 100 रुपये फीस दी जाएगी।
डॉक्टर दिवस में 50 से 150 और इंडोर में 2 से 20 मरीजों की जांच कर सकेंगे। यदि इन-सर्विस डॉक्टर ड्यूटी पूरी कर चुके हों और विशेषज्ञ डॉक्टर को दिन में बुलाया जाए, तो उन्हें 1,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। रात की सेवाओं के लिए यह इंसेंटिव दोगुना होगा। सरकार का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से मरीजों को होने वाली परेशानियों में कमी आएगी।
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