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पंजाब भर में बस कर्मचारियों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही, जिसके चलते आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने बस कर्मियों की इस हड़ताल को गैर-कानूनी करार दिया है। इसके साथ ही, लोगों को परेशान करने के आरोप में जालंधर समेत कई क्षेत्रों में कार्यरत कुछ बस कर्मियों को पत्र जारी कर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सरकार का कहना है कि कर्मियों द्वारा इस तरह हड़ताल पर जाना और यात्रियों को परेशान करना उचित नहीं है।
सीएम मान ने यूनियन नेताओं को टेबल टॉक का दिया न्योता
मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बस यूनियन के प्रधानों से अपील की कि वे अपनी मांगों को लेकर 'टेबल टॉक' (बातचीत) के जरिए सरकार से बात करें और जल्द से जल्द इस मसले को हल करें। सीएम मान ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा।
सीएम मान ने यह स्पष्ट किया कि सभी कर्मियों को सेवा समाप्ति के नोटिस जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पुरानी सरकारी बसों को लेकर परिणाम सामने आ रहे हैं और इस संबंध में बस कर्मियों को मीटिंग के लिए पत्र भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत के माध्यम से यह मसला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
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