Thu, 04 Jun 2026
Post Details

विनय तिवारी जी के मुख से

      ----------  धर्म क्या है ? -----------

धर्म जीवन है धर्म भोग है धर्म त्याग है  धर्म कर्तव्य है धर्म पुरषार्थ  है धर्म कर्म है । 
* धर्म अहिंसा है धर्म प्रेम है, धर्म दया है, धर्म सहयोग है, धर्म करुणा है, धर्म मैत्री है, धर्म क्षमा है ।

Views: 64

Comments & Discussions

Be the first to comment on this article!



Latest News

Number of Visitors - 164660