Fri, 31 Jul 2026
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किसी महापुरुष को अपशब्द कहना उचित नहीं : योगिराज रमेश जी

कुछ प्रिय बुद्धिमान लोग जिन्हें अपशब्दों से सम्मानित करते हैंl★
★★★★★★★★
न्यूयॉर्क के बार एसोसिएशन के प्रांगण में तीन विधि प्रवर्तको की मूर्तियां लगाई गए हैं पहली मूर्ति हजरत मूसा(Moses) जिन्होंने यहूदियों (Jews)के लिए  10 नियम दिए | दूसरी प्रतिमा हम्मूराबी बाबुल(Babylonia) के शासक की है जिन्होंने  दजला(TIGRIS) और फरात(Euphrates) के द्बाबे में बसे समाज के लिए एक कानून की संहिता बनाई और तीसरी मूर्ति मनु की है मनु की मूर्ति के नीचे लिखा गया है की मनु प्रथम विधि 

प्रणेता(manu the first law-giver) फिलीपींस के नवीन लोक सभा भवन के सामने जिन महापुरुषों की मूर्तियां स्थापित हैं उसमें हमारे देश के महापुरुष महाराज मनु की मूर्ति हैll अज्ञानता बस किसी महापुरुष को अपशब्द कहना उचित नहीं है जो पूरे विश्व में पूजनीय है जहां तक चार वर्ण की बात है चार वर्ण आज तक कोई सरकार कोई व्यवस्था नहीं समाप्त कर पाई वह चार वर्ण हमारी सरकारें चला रही है चाहे जिस भी पार्टी की सरकार हो उसने अपने कर्मचारियों को चार वर्णों में ही बांटा है क्लास 1क्लास 2 क्लास 3 क्लास 4ः
हमारी सरकार को चाहिए सभी को समान वेतन दे चाहे वह चपरासी हो जाए कलेक्टर हो यानी सभी क्लास वन हो जाए।।आशावाद

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