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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर गहरी निराशा व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों की कसौटी पर खरा नहीं उतरा है। मान ने स्पष्ट शब्दों में लिखा कि केंद्र सरकार ने बजट निर्माण के दौरान सीमावर्ती राज्य पंजाब की जरूरतों और यहाँ के योगदान को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है, जिससे राज्य के हर वर्ग में मायूसी है।
ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਬਜਟ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫ਼ਿਰ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ ’ਤੇ ਖਰ੍ਹਾ ਨਹੀਂ ਉਤਰਿਆ। ਇਸ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਨਾ ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ MSP ਤੇ ਨਾ ਹੀ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਲਈ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗ ਤੇ ਟੈਕਸ 'ਚ ਵੀ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਰਾਹਤ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਲਈ ਕੋਈ ਠੋਸ ਕਦਮ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਿਆ ਗਿਆ। ਹਰ ਵਾਰ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ ਪੰਜਾਬ…
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) February 1, 2026
किसानों और युवाओं की अनदेखी का आरोप
सीएम मान ने बजट की कमियां गिनाते हुए कहा कि देश का पेट भरने वाले पंजाब के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन और उद्योग जगत को टैक्स में राहत न मिलने पर भी सवाल उठाए। मान के अनुसार, पंजाब की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए बजट में किसी भी बड़े प्रोजेक्ट या वित्तीय पैकेज का उल्लेख न होना केंद्र की 'असंतुलित' सोच को दर्शाता है।
पंजाब की मजबूती का संकल्प
केंद्र सरकार पर 'सौतेले व्यवहार' का सीधा आरोप लगाते हुए भगवंत मान ने पंजाबियों के स्वाभिमान को भी स्वर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग मेहनती और उत्साही हैं और वे किसी के भरोसे बैठने वाले नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र की उपेक्षा के बावजूद, सभी पंजाबी मिलकर राज्य को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करेंगे और विकास की नई ऊंचाइयां छुएंगे।
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