Thu, 30 Jul 2026
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पंजाब में किसानों और पुलिस में जमकर हुई धक्का-मुक्की, स्थिति बेकाबू

भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने अपनी मांगों को लेकर बठिंडा डीसी की ओर निकाला गया मार्च आज हिंसक रूप अख्तियार कर गया। पुलिस प्रशासन के मार्च को रोकने के प्रयास के बाद गुस्साए किसान रामपुराफूल के पास बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों और पुलिस बल के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक मोड़ ले लिया, जिसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े।

पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को किया डिटेन
जिंदओद गांव में हुई झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव की खबरें सामने आई हैं, जिसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और कई किसानों को हिरासत में लिया गया है।

एसएसपी ने मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा है। इस हिंसक टकराव के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है।

समाना और संगरूर में भी झड़प
किसानों के इस विरोध प्रदर्शन की गूंज बठिंडा के अलावा पटियाला के समाना और संगरूर के गांव शेरों में भी सुनाई दी। समाना में बठिंडा की ओर कूच कर रहे किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद कई किसानों को हिरासत में ले लिया गया।

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