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देश के पांच राज्यों में चुनाव संपन्न होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की चर्चाओं पर अब केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि तेल कंपनियां ईंधन के दामों में 28 रुपये तक की वृद्धि कर सकती हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन खबरों का पूरी तरह से खंडन करते हुए कहा है कि सरकार के पास फिलहाल कीमतों को बढ़ाने का ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
मंत्रालय ने खबरों को बताया भ्रामक और शरारतपूर्ण
पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में इन रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें भ्रामक और शरारतपूर्ण करार दिया है। मंत्रालय का कहना है कि इस तरह की सूचनाएं केवल जनता के बीच डर और घबराहट पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिक ऐसी किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें, क्योंकि यह महज एक अफवाह है जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।

आम जनता को राहत देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
कीमतों के आंकड़ों का हवाला देते हुए मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों के दौरान भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी वृद्धि नहीं की गई है। सरकार और तेल कंपनियों ने आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा बोझ देश की जनता पर न पड़े। इसके लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं ताकि घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी रहें और उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिल सके।
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