Fri, 31 Jul 2026
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पंजाब भाजपा में घमासान, जगमोहन राजू ने छोड़ा जनरल सेक्रेटरी का पद

पंजाब भाजपा में घमासान: ढिल्लों की ताजपोशी के बाद जगमोहन राजू का इस्तीफा, कैप्टन भी जता चुके हैं नाराजगी

प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में शामिल थे जगमोहन राजू

पंजाब भारतीय जनता पार्टी के भीतर नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के बाद राजनीतिक बवाल तेज हो गया है। पार्टी के कई दिग्गज नेता इस फैसले से नाखुश नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व आईएएस अधिकारी जगमोहन राजू ने अपने जनरल सेक्रेटरी पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। हालांकि जगमोहन राजू ने सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर नहीं की है, लेकिन उनके इस कदम को पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और बगावत से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि जगमोहन राजू खुद भी प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुखता से शामिल थे, जिसके चलते उन्हें आलाकमान का यह फैसला रास नहीं आया है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी खड़े किए सवाल

केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति से खफा होने वाले नेताओं में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम भी शामिल है। जगमोहन राजू के इस्तीफे से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह खुले तौर पर इस फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। इस अहम मुद्दे को लेकर उन्होंने बीते 6 जून को देश के गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी और पार्टी की स्थिति पर चर्चा की थी। अपनी बेबाकी के लिए मशहूर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आलाकमान के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए खुलकर बयानबाजी की है।

'कांग्रेस में राय ली जाती थी, भाजपा में फैसले थोपे जाते हैं'

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधते हुए स्पष्ट किया कि सुनील जाखड़ और अश्वनी शर्मा को अध्यक्ष पद से हटाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उनका मानना है कि वे दोनों नेता पार्टी के लिए बेहतरीन ढंग से काम कर रहे थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की कार्यप्रणाली की तुलना करते हुए एक बड़ी बात कही। कैप्टन ने कहा कि भाजपा में कोई भी फैसला सीधे ऊपर से आता है और लागू कर दिया जाता है, जबकि कांग्रेस में ऐसे महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले पार्टी नेताओं से राय-मशविरा जरूर किया जाता था। लगातार उठ रहे इन बगावती सुरों से पंजाब भाजपा के सामने एक नया संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है।

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