Sat, 13 Jun 2026
Post Details

तंत्र का उद्देश्य भी सत्य की खोज है : योगिराज रमेश

** तंत्र और तांत्रिक कुछ चुनौतियां **

विज्ञान की तरह है तंत्र का उद्देश्य भी सत्य की खोज है

तंत्र हमारे जीवन को संतुलित करने का एक वैज्ञानिक सिस्टम है


             इस चराचर जगत की 84 लाख योनियों में जीव विचरण कर रहे हैं और यह सभी किसी ना किसी विशेष तंत्र से व्यवस्थित है। जन्म लेते ही जीव तंत्र के अधीन हो जाता है तंत्र एक व्यवस्था है  जो जीत के लिए सुखद जीवन की कामना करती है जो भी हो तंत्र से बाहर जाता है उसके लिए जीवन कठिनाई भरा हो जाता है परोक्ष रूप में हम कह सकते हैं कि तंत्र हमारे जीवन को संतुलित करने का एक वैज्ञानिक सिस्टम है जैसे वैज्ञानिक विज्ञान के सत्य की खोज करते हैं वैसे ही तांत्रिक जीवन तंत्र को सत्य के करीब ले जाकर उसे संपूर्ण वैज्ञानिकता प्रदान करते हैं विज्ञान की तरह है तंत्र का उद्देश्य भी सत्य की खोज है ऐसी सत्य की खोज जो जीवन को जीवन को संचालित करने वाली मशीन यानी शरीर को उस सत्ता से जोड़ने की कोशिश है जो अद्वितीय सत्यम शिवम और सुंदरम की स्थापना करने वाले शिव ऊर्जा के लगातार प्रवाह बिगड़ी हुई है तंत्र शिव शक्ति के दिव्य रूप से संचालित हो रहा है तंत्र की कसौटी तांत्रिक है तांत्रिक मनुष्य को तंत्र के अंतर्गत लाकर उसके कार्यों को तार्किक बाधारहित बनाता है आज यदि हम देखें तो संपूर्ण मानव जगत करोड़ों-करोड़ों तंत्र साधना ओके अधीन चल रहा है छोटे बड़े करोड़ों तंत्र हैं जो मनुष्य के जीवन को व्यवस्थित करने में अपना सर्वोत्तम समर्पित किए हुए हैं इस कार्य में अपना सर्वोत्तम देने वाला तांत्रिक होता है तांत्रिक ही मनुष्य को वह मार्ग दिखाता है वह सुविधाएं उपलब्ध कराता है जो जीवन के लिए पूरे सम्मान के साथ आवश्यक है यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि तंत्र को जब हम अध्यात्म के करीब लाते हैं तो इसकी सीमाएं असीमित हो जाती हैं ।

                 मनुष्य की सेवा में समर्पित तंत्र शोध के उपरांत प्राप्त सभी साधनों का उपयोग करते हुए संपूर्ण मानव जाति के लिए अपनी मंगलकामनाएं अर्पित करता है तांत्रिक ईश्वरीय शक्ति से समृद्ध होता है तांत्रिक के पास जो भी शक्तियां होती हैं वह उसे ईश्वरीय कृपा के कारण प्राप्त होती हैं यहां यह बताना भी जरूरी है कि तंत्र का विधि विधान ईश्वर ने सुनिश्चित किया है और संपूर्ण सृष्टि को एक व्यवस्था देने के लिए तंत्र की स्थापना की है सृष्टि में हम जो कुछ भी देखते हैं यहां तक की करोड़ों करोड़ों वनस्पतियों कि जो छटा हमें देखने को मिलती है वह भी ईश्वर के बनाए तंत्र के अधीन है इसलिए जो लोग तंत्र को हल्के-फुल्के ढंग से लेते हैं उनके लिए सिर्फ इतना कहा जा सकता है कि वे तंत्र ज्ञान की गहराई में उतरे ही नहीं है इसलिए उन्हें पता नहीं कि तंत्र सागर कितना गहरा है और इस के तल में जीवन को संचालित करने वाला सत्य सुंदर मोतियों की तरह छुपा हुआ है साधक तांत्रिक इस में गोता लगाता है और वह मोती निकाल कर ले आता है इसलिए यह बहुत आवश्यक हो जाता है तांत्रिक संपूर्ण स्वच्छता को प्राप्त किए हो मनुष्य के जीवन को तंत्र के अध्ययन लाकर उसे सुखद और सुविधा संपन्न कोई सिद्ध तांत्रिक ही कर सकता है ।

                  तांत्रिक की खोज भी अपने आप में एक चुनौती है सच्चा तांत्रिक मिल गया तो वह आपके जीवन को व्यवस्थित और सुखद बना देगा और यदि आप नकली संत तांत्रिकों के चक्कर में पड़े तो आप सिर्फ धन की बर्बादी तो करेंगे ही मन की शांति से भी जाते रहेंगे।

Views: 76

Comments & Discussions

Be the first to comment on this article!



Latest News

Number of Visitors - 166507