Thu, 30 Jul 2026
Post Details

तंत्र की 10 महाविद्याओं में श्री विद्या चारों पदार्थ धर्म अर्थ काम मोक्ष प्रदान करने वाली है : योगिराज रमेश जी

----------- श्री विद्या --------

श्री विद्या 10 महाविद्याओं में से एक है।

अध्यात्म जगत और भौतिक जगत की सभी साधनों में अगर कोई सर्वश्रेष्ठ साधना है तो उसे श्री विद्या साधना करते हैं तंत्र की 10 महाविद्याओं में श्री विद्या साधना के उपासकओं की संख्या सबसे ज्यादा है श्री विद्या साधक चारों पदार्थ धर्म अर्थ काम मोक्ष सभी को प्राप्त करने के लिए सामर्थवान बन जाता है हम तरह-तरह के अभाव से प्रसिद्ध है जीवन में किसी प्रकार का उत्साह उमंग नहीं रहता तनाव संपूर्ण जीवन को नष्ट कर रहा है और हमारा पूरा जीवन तनाव से संतुलन बनाने में ही पूरा हो जाता है।

श्रीविद्या साधना अष्टांग योग की तरह यम नियम आसन प्राणायाम शरीर को अनेक कष्ट देने ते हुए वर्षों की तपस्या लग जाती है श्रीविद्या साधना व्यक्ति बहुत ही सरल और सहज है जो साधक को शीघ्र फलदाई होती है यह विद्या तंत्र की साधना है तंत्र शीघ्र फल देने वाली विद्या है जीवन का हर क्षेत्र श्री विद्या से प्रभावित रहता है विद्या बुद्धि यश समृद्धि संतान रोग नाश अपूर्ण कार्य को पूर्णता राज दरबार में सम्मान आरोग्य दैहिक दैविक भौतिक सुखों के साथ-साथ मोक्ष का द्वार खोलती है।।
श्री विद्या की साधना आवश्यक है श्रद्धा भाव समर्पित साधक संपर्क करें और श्री विद्या का प्रशिक्षण ले।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 186739