Sat, 13 Jun 2026
Post Details

दुर्गा सप्तशती, मार्कंडेय पुराण से 700 श्लोकों को निकालकर बनाई गई है.! योगिराज रमेश जी

               ------- एक श्लोकी दुर्गासप्तशती -------

दुर्गा सप्तशती का एक श्लोक है, जिसमें सारी दुर्गा सप्तशती के पाठ का फल है।

या अम्बा मधु कैटभ प्रमथिनी या माहिषोन्मूलिनी
या धूम्रेक्षण चंड मुंड मथिनी या रक्त बीजाशिनी
शक्तिः शुंभ निशुंभ दैत्य दलिनी या सिद्ध लक्ष्मी परा
सा दुर्गा नव कोटि विश्व सहिता माम् पातु विश्वेश्वरी 
 
दुर्गा सप्तशती, मार्कंडेय पुराण से 700 श्लोकों को निकालकर बनाई गई है. इसमें मां दुर्गा की लीलाओं का वर्णन है. अगर समय की कमी है, तो सिर्फ़ इस एक श्लोक को बोलकर भी पूरी दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का फल पाया जा सकता है.l

Views: 217

Comments & Discussions

Be the first to comment on this article!



Latest News

Number of Visitors - 166495