Thu, 30 Jul 2026
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मैं हर हाल में मुस्कुराता रहूँगा तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी

मेरी पोशाक तो पहचान नहीं है मेरी

दिल में भी झाँक मिरी ज़ाहिरी हालत पे न जा

ऐतबार साजिद

 

धूप निकली है बारिशों के ब'अद

वो अभी रो के मुस्कुराए हैं

अंजुम लुधियानवी

 

रोके से कहीं हादसा-ए-वक़्त रुका है

शोलों से बचा शहर तो शबनम से जला है

अली अहमद जलीली

 

इन तल्ख़ आँसुओं को न यूँ मुँह बना के पी

ये मय है ख़ुद-कशीद इसे मुस्कुरा के पी

हफ़ीज़ जालंधरी

 

जब तिरे नैन मुस्कुराते हैं

ज़ीस्त के रंज भूल जाते हैं

अब्दुल हमीद अदम

 

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो

धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है

राहत इंदौरी

 

जो कुछ पड़ती है सर पर सब उठाता है मोहब्बत में

जहाँ दिल आ गया फिर आदमी मजबूर होता है

लाला माधव राम जौहर

 

मैं हर हाल में मुस्कुराता रहूँगा

तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी

बशीर बद्र

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