Sun, 14 Jun 2026
Post Details

मुस्कुराते रहिए

 

मुस्कुराते रहिए, 

कि ये दुआ भी है और दवा भी,  

चाहे जितने भी हों अंधेरे, 

ये है उजाले की वजह भी।  

 

हर लम्हा महकेगा, 

चेहरे पर जो रौनक रहेगी ,  

मुस्कान आपकी, 

यूँ ही सबको मजबूर करेगी।  

 

दिल की 

हर तकलीफ छिपा जाती है,  

आपकी मुस्कान, 

आपको सबसे खास बना जाती है।  

 

तो बस 

यूँ ही मुस्कुराते रहिए, बेखौफ, बेफिक्र,  

आपके चेहरे की ये हंसी, 

किसी का हौसला बन जाए ।

 

*कंचन श्रुता ????*

Views: 151

Comments & Discussions

Be the first to comment on this article!



Latest News

Number of Visitors - 166603