ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਨੂੰ ਬਰਸਾਤ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਵਾਰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸੀਵਰੇਜ ਸਾਫ਼ ਕਰਵਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ : ਪਲਵੀ
जो भी चाहो निकाल लो मतलब
ख़ामुशी गुफ़्तुगू पे भारी है
मसरूर जालंधरी
तुम्हें हँसते हुए देखा है जब से
मुझे रोने की आदत हो गई है
मिर्ज़ा मोहम्मद हादी अज़ीज़ लखनवी
ईंट और पत्थर मिट्टी गारे के मज़बूत मकानों में
पक्की दीवारों के पीछे हर घर कच्चा लगता है
दीप्ति मिश्रा
जब तलक ज़ख़्म हरा रहता है
दिल तसल्ली से भरा रहता है
राजेश रेड्डी
रौशनी ढूँड के लाना कोई मुश्किल तो न था
लेकिन इस दौड़ में हर शख़्स को जलते देखा
अज़्म बहज़ाद
दो घड़ी के साथी को हमसफ़र समझते हैं,
किस क़दर पुराने हैं हम नए ज़माने में
आलम खुर्शीद
हम तोहफ़े में घड़ियाँ तो दे देते हैं
इक दूजे को वक़्त नहीं दे पाते हैं
फ़रीहा नक़वी
मोहब्बत कम न होगी याद रखना!!
ये बढ़ती है, कि ये दौलत नहीं है
फ़रीहा नक़वी
Comments & Discussions
Be the first to comment on this article!