Thu, 30 Jul 2026
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Breaking : जालंधर सिविल अस्पताल मामले में एक और एक्शन, अब सरकार ने इसे किया बर्खास्त

जालंधर सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट में खराबी के कारण 3 मौतों पर सरकार ने एक और बड़ा एक्शन लिया है। पंजाब सरकार ने सिविल अस्पताल के टेक्निशियन नरिंदर कुमार को तुरंत बर्खास्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन वह छुट्टी पर थे, जिस कारण उन पर यह कार्रवाई की गई है।

3 डॉक्टरों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है
इस मामले में सेहतमंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने एक्शन लेते हुए पहले ही तीन डॉक्टरों को सस्पेंड किया है। जिसमें MS राजकुमार, SMOडॉ. सुरजीत सिंह और कंसल्टड एनसथिसिया डॉ. सोनाक्षी शामिल हैं। वहीं लापरवाही बरतने के मामले में सर्जन हाउस डॉ. शविंदरसिंह को बर्खास्त किया जा चुका है।

यह बड़ी लापरवाही -सेहतमंत्री
सेहत मंत्री डॉ. बलबीर ने इस घटना पर कहा था कि ऑक्सीजन की कमी के कारण हम जान नहीं बचा सके। मैनेजमेंट स्तर पर यह बड़ी लापरवाही हुई है। ऑक्सीजन प्लांट से दो मशीन इस्तेमाल की जाती है जिसमें की प्रेशर घटने पर बैकअप भी होता है। इस मामले में बड़ी लापरवाही मामले में कार्रवाई करते हुए एमएस डॉ राज कुमार, एसएमओ डॉ सुरजीत सिंह और डॉ सोनाक्षी को सस्पेंड कर दिया गया है। 

ये ना सहन करने वाली गलती 
उन्होंने आगे कहा कि जांच में अगर ये दोष पाए गए तो इन्हें डिसमिस किया जाएगा। यह बेहद ना सहन करने वाली गलती की है।  घटना के बाद वह खुद मौके पर गए थे, जहां उनके साथ टेक्निकल टीम ने जाकर देखा। जिसमें की SMO दीप्ति डायरेक्टर कंसल्ट एनस्थीसिया, सृजन शिवेंद्र की गलती पाई गई। 

स्टाफ होने के बावजूद हुई गलती
उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान पता चला कि अस्पताल में 49 इंटरनल मेडिकल अधिकारी, 46 डॉक्टर ट्रेनी बच्चे, 14 हाउस सर्जन और 17 मेडिकल अधिकारी ड्यूटी पर रहते है। इतना स्टाफ होने के बावजूद ऐसी घटना सामने आए यह बेहद चिंताजनक है।

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