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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 10-15 साल पुरानी डीजल-पेट्रोल की गाड़ियों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर 4 हफ्ते तक कोई कार्रवाई नहीं होगी।
क्या है गाड़ियों पर बैन का मामला?
बता दें कि साल 2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में इस आदेश को बरकरार रखते हुए दिल्ली के परिवहन विभाग को ऐसी गाड़ियों को जब्त करने और स्क्रैप करने का निर्देश दिया।
जानिए क्या था आदेश
जिसके बाद दिल्ली में भाजपा सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ऐलान किया था कि दिल्ली में 31 मार्च के बाद से पेट्रोल पंप में 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीज़ल गाड़ियों को तेल नहीं दिया जाएगा। सरकार राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए ऐसे कड़े कदम उठा रही है। ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। हम पेट्रोल पंप पर पुरानी गाड़ियों की पहचान करने के लिए गैजेट लगा रहे हैं। ताकि पुरानी गाड़ियों की पहचान हो सके और उन्हें पेट्रोल और डीज़ल न दिया जाए।
विरोध के बाद वापिस लिया फैसला
सोशल मीडिया और कई संगठनों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि अचानक इस तरह की पाबंदी से लोगों को भारी मुश्किल होगी। इसके बाद सरकार ने आदेश को वापस लेते हुए कहा कि पुराने वाहनों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।
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