फगवाड़ा गेट से लेकर रेलवे रोड तक: 25 से 28 जून तक बंद रहेंगी जालंधर की ये 13 प्रमुख मार्केट्स
बाढ़ और भारी बारिश के कारण सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान भी प्रभावित हुआ है। पाकिस्तान के पंजाब में बाढ़ के कारण 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। 40 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी मर्जी से घर को छोड़ दिया है। वहीं अभी तक 802 लोग मारे जा चुके हैं और सड़कें, फसलें खराब हो चुकी हैं। आर्मी लोगों का रेस्क्यू करने में जुटा हुआ है। पर पाकिस्तान ने इस बाढ़ का ठीकरा भारत के सिर पर फोड़ा है।
पाकिस्तान ने दोष लगाते हुए कहा कि भारत की तरफ से पानी छोड़े जाने के कारण ऐसे हालात बने हैं। जलवायु परिवर्तन से ऐसी समस्याएं बढ़ेंगी, इसलिए इंडस ट्रीटी जैसे समझौतों को मजबूत करना जरूरी है।जबकि भारत ने पाकिस्तान को बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की थी और इस बारे में अलर्ट किया था। पर भारत का एहसान मानने की बजाय पाकिस्तान ने दोष लगाना शुरू कर दिया।
वहीं वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी के दौरान पाकिस्तान का हिस्सा कीचड़ भरे घुटने लंबे पानी में डूबा नजर आया, जबकि भारतीय साइड साफ-सुथरा था। एक वायरल वीडियो में पाकिस्तानी रेंजर्स घुटनों में पानी खड़े दिखे, जिससे पाकिस्तान शर्मिंदा हो गया। पाकिस्तान ने इसका दोष भारतीय तरफ ग्रैंड ट्रंक रोड (जीटी रोड) की ऊंचाई पर डाला, जिससे पानी उसके साइड में बहकर जमा हो गया। लेकिन सच्चाई यह है कि भारत ने पहले ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और बेहतर ड्रेनेज मैनेजमेंट लागू कर लिया है, जिससे पानी भराव रोका जा सका।
Comments & Discussions
Be the first to comment on this article!