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पंजाब से पानी की मांग करने वाले हरियाणा ने अब कहा कि उसे और पानी नहीं चाहिए। इसे लेकर उसने पंजाब सरकार और BBMB (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) को चिट्ठी लिखी है। जिसमें उसने पंजाब से नहरी पानी कम करने की अपील की है। जिस कारण अब इस मामले पर दोबारा विवाद हो सकता है।
2,500 क्यूसेक कम पानी दिया जाए
पंजाब सरकार को लिखी चिट्ठी में हरियाणा सरकार ने कहा कि उसकी तरफ से नहर में छोड़े जाने वाले पानी को 2500 क्यूसेक कम कर दिया जाए। चिट्ठी में आगे लिखा है कि हरियाणा कॉन्टैक्ट प्वॉइंट पर पानी की डिस्चार्ज 8,894 क्यूसेक पाया गया है, जबकि उसकी डिमांड 7,900 क्यूसेक पानी की थी।
दरअसल लगातार बारिश के कारण नहर और कैचमैंट एरिया में पानी की मांग कम हो गई है। इसी वजह से हरियाणा में अब 6,250 क्यूसेक पानी की जरूरत बताई गई है।
पंजाब की मदद करने की इच्छा भी जता चुका है
वहीं हरियाणा सरकार इससे पहले बाढ़ से पीड़ित पंजाब को मदद करने की इच्छा भी जता चुका है। जबकि हरियाणा सरकार के इस फैसले के कारण पंजाब की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि पानी की कम निकासी सीधे नदियों और बांधों पर दबाव बनाएगी। जिससे पंजाब की स्थिति और भी खराब हो सकती है।
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