पंजाब में जाकिर मूसा के चचेरे भाई समेत तीन दोषियों को आतंकवाद मामले में 10 साल की कैद
जालंधर सेंट्रल हलके से आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा को बीते दिन ही हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। पर उन पर फिर एक और मामला दर्ज हो गया। जिसे लेकर रामामंडी की पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट लेकर पहुंची। जहां कोर्ट ने रमन अरोड़ को 3 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
रमन अरोड़ा के वकील ने उठाए सवाल
रमन अरोड़ा के वकील ने बताया कि यह मामला एक महीने पहले का है। FIR में कहा गया है कि रमन अरोड़ा किसी ठेकेदार से महीना लेते थे। पहले इस केस के दौरान क्यों नहीं FIR दर्ज करवाई गई। अब रमन अरोड़ा को रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिसके बाद अब रमन अरोड़ा का मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया है।
105 दिन बाद मिली थी जमानत
बता दें कि सेंट्रल हलके से विधायक रमन अरोड़ा को बीते दिन ही हाई कोर्ट से 105 दिन के बाद रेगुलर बेल मिली थी। ऐसे में रमन अरोड़ा की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। बीते दिन रमन अरोड़ा के समधी की भी एंटीसिपेट्री बेल पर भी सुनवाई हुई, जहां कोर्ट से 17 सिंतबर की तारीख दी गई है।
इससे पहले 20 अगस्त को नगर निगम की महिला इंस्पेक्टर हरप्रीत कौर की हाईकोर्ट से रेगुलर बेल हो चुकी है, जबकि विधायक के करीबी आढ़ती महेश मखीजा भी बेल पर हैं। वहीं एटीपी सुखदेव वशिष्ठ 114 दिन से जेल में बंद थे, लेकिन अब उन्हें रेगुलर बेल मिल गई है।
एटीपी को विजिलेंस ने 14 मई को पकड़ा था, जबकि विधायक को 23 मई को उनके अशोक नगर घर से अरेस्ट किया था। विधायक रमन अरोड़ा के खुलासे के बाद साजिश में उनके बेटे राजन अरोड़ा, समधी, हरप्रीत कौर और मखीजा को आरोपी बनाया गया था। राजन को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी है। विधायक के घर से 6,30,245 रुपए और 1200 ग्राम सोने के जेवर बरामद हुए थे।
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