फगवाड़ा गेट से लेकर रेलवे रोड तक: 25 से 28 जून तक बंद रहेंगी जालंधर की ये 13 प्रमुख मार्केट्स
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब समेत 4 राज्यों को नोटिस जारी किया है और 3 हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। वहीं केंद्र सरकार को भी इस मामले पर ध्यान देने के लिए कहा है।
CJI ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यह ऊपरी पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई का संकेत है। CJI बीआर गवई और के विनोद चंद्रन की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर इसके कारणों का पता लगाएं।
इसपर सॉलिसिटर जनरल (SG) मेहता ने कहा कि वह पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सचिव से संपर्क करेंगे और उनसे विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अनुरोध करेंगे। हमने प्रकृति के साथ इतना हस्तक्षेप किया है कि अब वह हमें नुकसान पहुंचा रही है.इस पर मुख्य न्यायाधीश ने सहमति जताई।
दरअसल कुल्लू में 24 जून को बादल फटने के कारण बाढ़ के चलते कई टन लकड़ियां पंडोह डैम तक पहुंची थी। वीडियो वायरल होने के बाद अवैध कटाई से जोड़ा जाने लगा और सरकार के ऊपर सवाल उठने लगे। इसके बाद आनन-फानन में वन विभाग ने जांच बिठाई। मगर जांच में क्लीन चिट दे दी गई।
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