ਨਾਗਰਾ ਫਾਟਕ ਤੋਂ ਰਤਨ ਨਗਰ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਖਰਾਬ ਹੋਈਆਂ ਹਨ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੋ
नेपाल में Genz प्रदर्शन के बाद सरकार का तख्ता पलट हो गया है। देश में अलग-अलग जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कभी भी इमरजैंसी का ऐलान किया जा सकता है। इसी बीच में नेपाल में पंजाब के 92 श्रद्धालु फंस गए हैं और वह वहां से सुरक्षित निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान सभी में डर का माहौल भी है।
अमृतसर से रवाना हुआ था जत्था
बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं का जत्था 3 सितंबर से अमृतसर से रवाना हुआ था। जिसके बाद वह 5 सितंबर को बॉर्डर पार करके जनकपुर धाम पहुंचे। जहां 6 सितंबर को काठमांडू और उसके बाद पोखरा रवाना हुए। पर इसी दौरान ही 8 सितंबर को नेपाल में अचानक हिंसा बढ़ गई।
रात में निकलने का किया फैसला
हालात बिगड़ने के बाद श्रद्धालुओं ने फैसला लिया कि वह रात के समय में ही सफर करेंगे। क्योंकि सड़कों पर काफी ज्यादा तनाव था और कर्फ्यू भी लगा हुआ था। चारों तरफ ही आगजनी हुई थी। जिसके बाद उन्होंने 9-10 सितंबर की रात को नेपाल बॉर्डर की तरफ निकले।
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा
नेपाल में बढ़ती हिंस को देखते हुए भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने बॉर्डर पर चौकस बढ़ा दी है। आने-जाने वाले लोगों की सख्त जांच की जा रही है और अस्थाई रूप से रोक-टोक भी लगाई हुई है। वहीं भारतीय एजेंसियां अपने नागरिकों की लिस्ट तैयार कर रही हैं जो वहां पर फंसे हुए हैं।
नेपाल हिंसा में अबतक 30 की मौत
नेपाल हिंसा में अब तक 30 की मौत हो चुकी है। जबकि 1400 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। सड़कों पर सुरक्षाबल तैनात हैं और कहा जा रहा है कि किसी भी समय इमरजैंसी लग सकती है। वहीं नेपाल की नेपाल की पहली महिला न्यायधीश सुशीला कार्की का नाम पीएम की रेस में सबसे आगे चल रहा है।





Comments
No comments yet.