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सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आखिर सरकार इस मामले में सख्ती से कानूनी कदम क्यों नहीं उठा रहीं। अगर कुछ लोगों को जेल भेजा जाए तो ही मैसेज जाएगा। किसानों को जेल भेजने से दूसरों को सबक मिलेगा और पराली जलाने की आदत पर लगाम लगेगी। अगर किसान जरूरी हैं तो पर्यावरण भी जरूरी है।
किसान हमारे लिए खास, पर कानून न तोड़े
चीफ जस्टिस ने कहा कि किसान हमारे लिए खास हैं, क्योंकि वही हमें अन्न देते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कानून तोड़ें। आखिर क्यों सरकार इस मामले में सख्त कानूनी कदम नहीं उठा रही। अगर कुछ लोगों को जेल भेजा जाए तो सही संदेश जाएगा। पर्यावरण बचाने की सच्ची मंशा है तो सजा के प्रावधान क्यों नहीं बनाए जाते?
पंजाब सरकार ने कहा- घटनाएं कम हुईं
वहीं इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार ने वकील राहुल मेहर ने बताया कि पिछले कुछ सालों में पराली की घटनाएं कम हुई हैं। तीन साल में बहुत कुछ हासिल हुआ है और इस साल और बेहतर होगा। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि ज्यादातर किसान छोटे हैं, और उन्हें जेल भेजने से उनके परिवार वालों का क्या होगा? इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हर किसी को नहीं, लेकिन संदेश देने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
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