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जालंधर में पराली जलाने की घटनाओं पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी कमिश्नर (DC) डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने फील्ड में तैनात 26 नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों से पराली जलाने की घटनाओं पर संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
नोडल अधिकारियों से मांगा गया जवाब
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जब इन अधिकारियों से पराली जलाने के मामलों के बारे में पूछा गया तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। प्रशासन ने अधिकारियों से दो महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे हैं, फील्ड में टीमें तैनात होने के बावजूद पराली जलाने की घटनाएं कैसे हुईं? पराली जलाने के समय नोडल अधिकारी कहाँ मौजूद थे?
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन नोटिसों का जवाब समय पर नहीं दिया गया, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की सर्विस बुक में यह रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
राज्यभर में अब तक 430 FIR दर्ज
पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए राज्यभर में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब तक राज्यभर में पराली जलाने से संबंधित 430 प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें सबसे ज्यादा 98 मामले तरनतारन जिले में सामने आए हैं। जालंधर में भी प्रशासन ने इन घटनाओं पर नकेल कसने और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
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