Sun, 14 Jun 2026
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मामले में गलत जानकारी देने पर सीपी को एक लाख जुर्माना पढ़ें पूरी खबर 

मामले में गलत जानकारी देने पर सीपी को एक लाख जुर्माना

पढ़ें पूरी खबर 

 

पंजाब : एनडीपीएस केस के आरोपित की गलत जानकारी देने पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने जालंधर के पुलिस कमिश्नर (सीपी) पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि यह कोई इकलौता मामला नहीं, बल्कि ऐसा रुख अब सरकार की आदत बन चुका है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि दो हफ्तों के भीतर मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में जमा करवाई जाए।

साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि राशि निर्धारित समय में जमा नहीं करवाई गई, तो जालंधर पुलिस कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से हाई कोर्ट में पेश होकर जवाब देना होगा।

मामला मार्च 2023 का है, जब जालंधर में पुलिस ने एक आरोपित रघुबीर सिंह और उसके साथी से क्रमश 100 ग्राम और 150 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इस मामले में थाना नई बिरादरी में मामला दर्ज किया गया था। आरोपित ने जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उस समय पंजाब सरकार ने अदालत को बताया था कि आरोपी के खिलाफ 18 मामले दर्ज हैं और 9 गवाहों के बयानः अभी बाकी हैं।

आरोपित ने दो साल बाद दोबारा जमानत याचिका दायर की, तो यह तथ्य सामने आया कि अब तक सिर्फ दो गवाहों के बयान ही दर्ज हुए हैं और सरकार ने इस बार कहा कि आरोपित के खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं। वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने स्पष्ट किया कि आरोपित के खिलाफ केवल दो मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है।

इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख

अपनाते हुए कहा कि पहले सरकार कहती है कि 18 मामले हैं, अब कहती है 16 कोर्ट ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मात्र दो गवाहों के बयान हुए। यह अदालत के साथ भ्रामक जानकारी साझा करने का

गंभीर उदाहरण है। हाई कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, हम देख रहे हैं कि आरोपित की जमानत याचिकाओं में सरकार बार-बार बढ़ा-चढ़ाकर आंकड़े पेश करती है। यह अब एक आम प्रवृत्ति बन गई है।

इससे स्पष्ट है कि पुलिस विभाग सरकारी वकीलों को सही और सटीक जानकारी नहीं दे रहा। यह आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए घातक है। कोर्ट ने इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जालंधर के पुलिस कमिश्नर पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया और सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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