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तरनतारन उपचुनाव में बूटा सिंह पर दिए गए बयान को लेकर पंजाब प्रधान व लुधियाना के सांसद राजा वड़िंग मुश्किलों में घिरते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके बयान पर अनुसूचित जाति आयोग ने स्वंय संज्ञान लेते हुए 6 नवंबर को तलब किया है। विपक्षी पार्टियों ने भी इस मद्दे पर हमला बोला है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से उनके ध्यान में आया है, जिसमें कांग्रेस पार्टी की पंजाब अध्यक्ष और लुधियाना के सांसद देश के दिवंगत गृह मंत्री और दलित नेता बूटा सिंह के प्रति रंग और जाति आधारित टिप्पणियां कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से 6 नवंबर को जवाब तलब किया है और तरनतारन के रिटर्निंग अधिकारी से भी 4 नवंबर को इस मामले में रिपोर्ट तलब की गई है।
यह बयान बना विवाद का कारण
राजा वड़िंग ने तरनतारन प्रचार के दौरान कहा था कि कि “सुना है बूटा सिंह का नाम, एक बूटा सिंह होता था, मजहबी सिख, बाल्मीकि मजहबी सिख, रंग उसका बहुत काला होता था…भैंसों को चारे के बंडल डालता था चारे के, गुरबाणी में आता है रंगरेटे गुरु के बेटे और कांग्रेस ने देश का गृह मंत्री बनाया।
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