Sun, 14 Jun 2026
Post Details

इंटरनेट मीडिया पर सस्ते सामान का झांसा देकर ठगी साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों से कर रहे हैं टगी, खानदानी का झांसा दे मांगते हैं डिलीवरी चार्ज पढ़ें पूरी खबर 

इंटरनेट मीडिया पर सस्ते सामान का झांसा देकर ठगी

साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों से कर रहे हैं टगी, खानदानी का झांसा दे मांगते हैं डिलीवरी चार्ज

पढ़ें पूरी खबर 

 

जालंधर (राजन) : साइबर ठग लगातार नए तरीकों से लोगों को ठगने में लगे है। अब ये ठग बैंक कर्मियों या स्टिमर केयर के रूप में ही नहीं, बल्कि ई-कामर्स साइट के कर्मचारी के रूप में भी इंटरनेट मीडिया पर सस्ते फर्नीचर और इलेक्ट्रानिक सामान बेचने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। जब लोग सस्ते सामान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हैं तो ठग कैश आन डिलीवरी का झांसा देकर डिलीवरी चार्ज पहले मांगते हैं। कुछ पैसे लेने के बाद वे खरीदार को फर्जी ट्रैकिंग आइडी हैं, ड्राइवर है। और ड्राइवर का नंबर भेज देते जिसमें बताया जाता है कि की गाड़ी रास्ते में खराब हो गई। इसके बाद ठग कहते हैं कि उनके पास पैसे नहीं हैं। वो घर में सामान लाने के बाद पैसे काट लेने की बात करते हैं। इस प्रकार ठग लोगों से पैसे लेकर गायब हो जाते हैं। लोग कम पैसे होने के कारण न पुलिस को शिकायत देते हैं न किसी को बताते हैं।

सात हजार रुपये भेज दिए, लेकिन फ्रीज और वाशिंग मशीन नहीं मिली आदमपुर की मीना ने बताया कि उसने फेसबुक पर मार्केटप्लेस खोला, जहां उसे सस्ते फ्रीज और वाशिंग मशीन की जानकारी मिली। जब उसने संपर्क किया तो ठग ने खुद को ई-कामर्स साइट का कर्मचारी बताया और कहा कि दोनों चीजें घर पर कैश आन डिलीवरी में पहुंच जाएंगी, लेकिन डिलीवरी के पैसे पहले देने होंगे। इसके बाद डिलीवरी चार्ज के बहाने मीना से तीन हजार रुपये खाते में डलवा लिए। पैसे लेने के बाद ठग ने उसे ड्राइवर का नंबर भेजा, जिसने कहा कि गाड़ी खराब हो गई है और उसे 15 हजार रुपये की जरूरत है।

ओएलएक्स पर विज्ञापन देख भेजा पैसा, ठग ने फिर फोन नहीं उठाया बलदेव नगर के वीरू ने बताया कि वह बाइक रिपेयर का काम करता है। उसने पुराना मोबाइल खरीदने के लिए ओएलएक्स को खोला तो वहां पर नया डिब्बाबंद आईफोन कम दाम में दिखाई दिया। इसके बाद उसने एड पर मैसेज के जरिये बात हुई। ठग ने कहा कि वह कैश आन डिलीवरी में मोवाइल भेजेगा। ठग ने बातों में लेकर पहले बुकिंग और डिलीवरी चार्ज के लिए पैसे ले लिए।

वीडियो काल पर फर्नीचर दिखाया, पैसे लेने के वाद फोन बंद बस्ती बावा खेल निवासी लकी ने बताया कि वह सस्ते फर्नीचर की तलाश में था। फिर उसने मार्केटप्लेस पर सस्ते फर्नीचर की एड देखी, इसके बाद उसने मैसेज के जरिये पूरी बातचीत की। दूसरी और से युवक ने कहा कि उसकी एयरपोर्ट पर पोस्टिंग थी, लेकिन ट्रांसफर हो गया है। उसने सारे सामान की तस्वीरें भेजी और वीडियो काल पर

फर्नीचर को भी दिखाया और कहा कि अगर आपने सामान को खरीदना है तो पांव हजार रुपये आनलाइन जमा करवाने होंगे। ठग ने बातों में ऐसे उलझाया कि उसने खाते में पैसे डाल दिए। वाद में युवक ने टाल मट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ दिनों के बाद ठग ने उसकी काल उठानी बंद कर दी। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ।

 

ठगी से वचने के लिए जरूरी सुझाव

इंटरनेट मीडिया पर सस्ता सामान देखकर तुरंत भुगतान न करें, जांच करें।

सीमित या केवल आज के लिए आफर जैसे तालव में न आएं।

कैश आन डिलीवरी में डिलीवरी से पहले कोई एडवांस नहीं लिया जाता।

फर्जी ट्रैकिंग आइडी पर भरोसा नकरे।

प्रोफाइल चेक करें, रिव्यू देखें और असली वेवसाइट/एप से ही सामान खरीदे।

ठगी का पता चलने के बाद राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

Views: 86

Comments & Discussions

Be the first to comment on this article!



Latest News

Number of Visitors - 166585