पंजाब में जाकिर मूसा के चचेरे भाई समेत तीन दोषियों को आतंकवाद मामले में 10 साल की कैद
गुरदासपुर के 7 नंबर स्कीम स्थित सरकारी क्वार्टरों में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां केंद्रीय जेल में तैनात एक निजी कंपनी (पैसको) के सुरक्षा गार्ड ने अपनी सरकारी AK-47 राइफल से अपनी पत्नी और सास की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने पुलिस के साथ चले गतिरोध के बाद खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
सरकारी क्वार्टर में खूनी खेल
आरोपी की पहचान गुरप्रीत सिंह (निवासी गांव गुत्थी) के रूप में हुई है। वह गुरदासपुर सेंट्रल जेल में पैसको गार्ड के तौर पर तैनात था। बीती रात करीब 3 बजे वह अपनी ड्यूटी के दौरान मिली सरकारी AK-47 राइफल लेकर घर पहुंचा। वहां उसने अपनी पत्नी अकविंद्र कौर और सास गुरजीत कौर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
एक घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा
दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी घर की छत पर चढ़ गया और वहां छिप गया। मौके पर पहुंचे एसीपी/एसएसपी आदित्य कुमार ने करीब एक घंटे तक आरोपी को समझाने की कोशिश की और उसे सरेंडर करने के लिए कहा।
इस दौरान आरोपी छत से चिल्लाता रहा और पुलिस को धमकी देता रहा कि वह खुद को गोली मार लेगा। काफी देर तक चले इस ड्रामे के बाद, पुलिस की समझाइश का उस पर कोई असर नहीं हुआ और अंततः उसने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया।
2016 से चल रहा था घरेलू विवाद
पुलिस जांच और परिवार के बयानों में यह बात सामने आई है कि इस खौफनाक कदम के पीछे की मुख्य वजह घरेलू कलह थी। मृतकों के परिजनों के मुताबिक, गुरप्रीत और उसकी पत्नी अकविंद्र कौर के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपी की साली परमिंदर कौर ने बताया कि साल 2016 में शादी के बाद से ही पति-पत्नी में अक्सर झगड़े होते रहते थे।
पुलिस ने की इलाके की घेराबंदी
घटना की पुष्टि करते हुए गुरदासपुर के एसएसपी आदित्य ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर भेजी गई थीं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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