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पंजाब में पनबस और पीआरटीसी (PRTC) कर्मचारियों का आंदोलन आज बेहद उग्र रूप ले चुका है। पुलिस द्वारा बीती रात यूनियन नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इसके विरोध में आज सुबह होते ही कच्चे कर्मचारियों ने राज्य भर के बस स्टैंड्स पर ताले लगा दिए, सड़कों को जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है।
किलोमीटर स्कीम को लेकर आर-पार की लड़ाई
यूनियन और सरकार के बीच टकराव का मुख्य कारण 'किलोमीटर स्कीम' है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार आज पनबस में किलोमीटर स्कीम के तहत निजी मालिकों की बसों के टेंडर खोलने जा रही थी। यूनियन ने इसका विरोध पहले ही जता दिया था और टेंडर के समय गेट रैली व तुरंत बंद का ऐलान किया था। यूनियन का स्पष्ट कहना है कि यह स्कीम परिवहन विभाग के निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम है, जो कर्मचारियों के भविष्य के लिए सीधा खतरा है।
नेताओं की गिरफ्तारी से बिगड़े हालात
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार ने आंदोलन को कुचलने और निजी बसों की स्कीम को लागू करने के लिए कल देर रात प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रशासन का सोचना था कि इससे विरोध प्रदर्शन कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन इस कार्रवाई ने आग में घी का काम किया। नेताओं की गिरफ्तारी से कर्मचारियों का गुस्सा और भड़क गया, जिसके परिणामस्वरुप आज सुबह से ही उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।
यात्री परेशान, समय से पहले थमे पहिए
पंजाब रोडवेज़, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने आज (28 नवंबर) हड़ताल का ऐलान किया था। योजना के अनुसार, राज्य स्तरीय कच्चे कर्मचारी दोपहर 12 बजे के बाद बसों को रोकने वाले थे। लेकिन पुलिस की रात भर चली कार्रवाई के कारण कर्मचारियों ने सुबह से ही बस सर्विस ठप कर दी है। सरकारी बसों का संचालन रुकने से प्रदेश भर में यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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