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जिले में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से खराब हालात में पहुंच गया है. लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हो रही है. हवा की रफ्तार कम होने और सुबह-शाम धुंध की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है. हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है. जिले में सबसे खराब हालत पॉश कॉलोनी वसुंधरा की है.
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मॉनिटरिंग साइट में गाजियाबाद का एक्यूआई पिछले एक हफ्ते से लगातार बढ़ रहा है. यही कारण है कि आज एक्यूआई में 22 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज हुई. यहां का एक्यूआई 352 दर्ज किया गया, जो कि खराब श्रेणी आता है. सबसे खराब स्थिति वसुंधरा स्टेशन की रही. यहां पर एक्यूआई खतरनाक श्रेणी में 405 दर्ज किया गया. यही वजह है कि इस इलाके में रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हो रही है. वसुंधरा स्टेशन के बाद दूसरे नंबर पर संजय नगर है, यहां की भी हालत खराब है. यहां एक्यूआई 341 और लोनी का 337 तो इंदिरापुरम स्टेशन पर प्रदूषण का ग्राफ 326 रहा.
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि आरआरटीएस के निर्माण स्थल से उड़ती धूल मिट्टी और टूटी सड़क, सड़क किनारे पड़ा कूड़ा व फैक्टरियों के धुएं से वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहा है. हवा में सल्फर डाई ऑक्साइड (एसओ-2), नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड (एनए-2) के साथ धूल और धुएं के कण पीएम-10 और पीएम-2.5 बढ़े हुए हैं. चार से पांच दिन बाद हवा की गति तेज होने पर प्रदूषण से राहत मिलेगी
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