महज 11 दिन की पोस्टिंग के बाद विवेक सोनी हटाए गए, हरमनबीर सिंह को मिली जिम्मेदारी
देश में लगातार बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों पर नियंत्रण पाने के लिए केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया मैसेंजिंग एप्लीकेशन के लिए सख्त नए आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार, अब वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेंजिंग प्लेटफॉर्म्स को बिना एक्टिव सिम कार्ड के इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
एक्टिव सिम कार्ड क्यों हुआ जरूरी?
टेलिकॉम मंत्रालय ने सभी मैसेंजिंग प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी ऐप तभी चलेगा जब यूजर का रजिस्टर्ड सिम कार्ड उस मोबाइल डिवाइस में एक्टिव (Active) होगा। इसे 'सिम बाइंडिंग' नियम कहा जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि अगर आपके फोन से सिम कार्ड निकाल लिया जाता है, तो वॉट्सएप समेत बाकी सभी मैसेंजिंग एप्लीकेशन स्वतः ही बंद हो जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम से साइबर क्राइम में भारी गिरावट आएगी, क्योंकि यह धोखेबाजों के लिए अस्थायी या फर्जी नंबरों का उपयोग करना बेहद मुश्किल बना देगा और अपराधियों का पता लगाने में भी एजेंसियों को मदद मिलेगी।
वेब यूजर्स के लिए भी सख्त हुए नियम
केंद्र सरकार ने वेब ब्राउजर के माध्यम से (लैपटॉप या डेस्कटॉप पर) मैसेंजिंग ऐप्स का उपयोग करने वाले यूजर्स के लिए भी बड़ा बदलाव किया है।
ऑटो लॉगआउट : नए आदेशों के तहत, सभी मैसेंजिंग प्लेटफॉर्म्स को अब हर 6 घंटे के बाद यूजर को वेब ब्राउजर से अनिवार्य रूप से लॉगआउट करना होगा।
दोबारा लॉगिन : एक बार लॉगआउट होने के बाद, यूजर को दोबारा लॉगिन करने के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से ही प्रमाणीकरण (Authentication) करना होगा, जिससे सुरक्षा का स्तर और बढ़ जाएगा।
Comments & Discussions
Be the first to comment on this article!