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जालंधर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पब्लिकेशन विभाग के रिकॉर्ड से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सिख सदभावना दल के साथ संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बलदेव सिंह वडाला के साथ मिलकर एक प्रेस वार्ता की और एसजीपीसी पर कार्रवाई न करने को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
इंसाफ मांगने वालों पर कार्रवाई का आरोप
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने इस मामले में इंसाफ की मांग कर रहे लोगों पर प्रशासन द्वारा मारपीट करवाने और पर्चे दर्ज करवाने का आरोप लगाया। डल्लेवाल ने बताया कि 24 अक्टूबर 2020 को इंसाफ मांग रहे लोगों के साथ प्रशासन ने मारपीट की। वहीं, 328 स्वरूपों के लापता होने की घटना 2015 की है। डीजीपी (DGP) से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।
न्यायिक आदेशों की अनदेखी
उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश आने के बावजूद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट के आदेशों को डीजीपी द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। डल्लेवाल ने आशंका जताई कि गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों को चुराकर, उन्हें बदलकर पेश करने की साजिश हो रही है, जो भविष्य में बहुत खतरनाक हो सकती है और सिख पंथ के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर सकती है।
एसकेएम का बड़ा आह्वान
पंथ को भविष्य में ऐसी किसी भी आंच से बचाने के लिए, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की तरफ से एक बड़ा फैसला लिया गया है। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने घोषणा की कि एसकेएम नॉन पॉलिटिकल की तरफ से 7 दिसंबर को एक जगह पर इकट्ठा होकर इस मुद्दे पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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