महज 11 दिन की पोस्टिंग के बाद विवेक सोनी हटाए गए, हरमनबीर सिंह को मिली जिम्मेदारी
पंजाब में सोमवार दोपहर अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर एक असाधारण घटना सामने आई, जहां प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला ने डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचने से ठीक पहले चलती टैक्सी की पिछली सीट पर ही एक बच्ची को जन्म दे दिया। यह घटना घग्गर पुल के पास हुई। टैक्सी चालक ने तुरंत माँ और नवजात को अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने दोनों के पूरी तरह स्वस्थ होने की पुष्टि की है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही दर्द हुआ असहनीय
यह घटना रामगढ़ भुड्डा इलाके में एयरपोर्ट रोड के पास एक निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में काम करने वाले बिहार निवासी विनोद रविदास के परिवार के साथ हुई। विनोद की 25 वर्षीय पत्नी मनीषा गर्भवती थीं और उनकी नियत तिथि (ड्यू डेट) 14 दिसंबर थी। सोमवार को अचानक प्रसव पीड़ा तेज होने पर, परिवार ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना एक उबर टैक्सी बुक की और उन्हें डेराबस्सी सिविल अस्पताल ले जाने लगे।
ट्रैफिक जाम के बीच कराई गई डिलीवरी अ
स्पताल जाते समय हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम था, जिसके कारण वाहन धीमी गति से चल रहे थे। इसी दौरान मनीषा की पीड़ा असहनीय हो गई और उन्होंने टैक्सी की पिछली सीट पर शोर मचाना शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टैक्सी चालक ने घग्गर पुल पर गाड़ी रोक दी। टैक्सी रुकने पर ड्राइवर और पति विनोद नीचे उतर गए। टैक्सी में साथ बैठी एक रिश्तेदार महिला ने तुरंत हिम्मत दिखाई और पिछली सीट पर ही मनीषा की डिलीवरी करवाई।
मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ
लगभग 15 मिनट के भीतर बच्ची का जन्म हो गया। जन्म होते ही टैक्सी को तुरंत डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल की मेडिकल टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए माँ और नवजात को अलग किया और प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मनीषा ने एक बेटी को जन्म दिया
Comments & Discussions
Be the first to comment on this article!