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जालंधर नगर निगम ऑफिस में आज उस समय जबरदस्त हंगामा और अफरा-तफरी देखने को मिली जब एक दिव्यांग महिला और नगर निगम का एक कर्मचारी लिफ्ट के भीतर फंस गए। निगम का उक्त कर्मचारी दिल की बीमारी (हार्ट पेशेंट) से ग्रस्त बताया जा रहा है। यह दोनों व्यक्ति किसी कार्य के सिलसिले में लिफ्ट के जरिए चौथी मंजिल की ओर जा रहे थे, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट बीच में ही अटक गई। दोनों लगभग 15 से 20 मिनट तक लिफ्ट के भीतर फंसे रहे, जिससे उनकी जान पर बन आई। इस घटना की खबर फैलते ही निगम परिसर में मौजूद कर्मचारियों में भारी रोष फैल गया और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
अधिकारियों के खिलाफ फूटा कर्मचारियों का गुस्सा
लिफ्ट में फंसने की इस घटना से आक्रोशित नगर निगम के कर्मचारियों ने मौके पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने XEN सुखविंदर सिंह सहित दो उच्च अधिकारियों के कमरों को बाहर से ताला जड़ दिया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी कर्मचारी XEN सुखविंदर को उनके दफ्तर से बाहर निकाल रहे हैं और उनके कमरे पर ताला लगा रहे हैं। इससे पहले कर्मचारियों ने एसई (SE) धवन के कमरे को भी ताला लगा दिया था। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही आज दो लोगों की जान खतरे में पड़ी।
महीनों से खराब पड़ी लिफ्ट व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम दफ्तर की लिफ्टों की हालत पिछले 3 से 4 महीनों से बेहद खराब है। उन्होंने दावा किया कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार उच्च अधिकारियों से अपील की गई और शिकायतें दी गईं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आए दिन लिफ्ट में कोई न कोई कर्मचारी या आम नागरिक फंस जाता है, लेकिन इसके बावजूद मरम्मत कार्य की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आज की घटना ने प्रशासनिक उदासीनता को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
सुरक्षा को लेकर निगम कर्मियों ने दी चेतावनी
नगर निगम कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक लिफ्ट की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। कर्मचारियों के अनुसार, हार्ट पेशेंट और दिव्यांग महिला का लिफ्ट में फंसना एक गंभीर चेतावनी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अधिकारियों के दफ्तरों को ताला लगाने की इस कार्रवाई ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मौके पर तनाव का माहौल बना हुआ है और कर्मचारी ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
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