ਨਾਗਰਾ ਫਾਟਕ ਤੋਂ ਰਤਨ ਨਗਰ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਖਰਾਬ ਹੋਈਆਂ ਹਨ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੋ
* मनुष्य के कर्म ही उसके उचित विचारों की व्याख्या होते हैं ।
* पूजा उचित और आवश्यक है पर उसकी सफलता और सार्थकता तभी संभव है ,जब जीवन कर्म भी उत्कृष्ट स्तर का हो |
* भाग्य का बीज तो मनुष्य पुरुषार्थ है सिर्फ़ भाग्य ही सब कुछ नहीं होता |





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