Thu, 30 Jul 2026
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पंडित विनय तिवारी के अमूल्य कथन


* मनुष्य के कर्म ही उसके उचित विचारों की व्याख्या होते हैं ।

* ⁠पूजा उचित और आवश्यक है पर उसकी सफलता और सार्थकता

तभी संभव है ,जब जीवन कर्म भी उत्कृष्ट स्तर का हो ।

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