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जालंधर का चर्चित होटल मेरिटन एक बार फिर संगीन कानूनी पचड़े में फंस गया है। होटल के पार्टनर्स के बीच हुई मारपीट का मामला अब धार्मिक विवाद का रूप ले चुका है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए होटल के पार्टनर्स समेत 5 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है, जिसके बाद से सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
यशपाल दुआ समेत 5 के खिलाफ FIR दर्ज
ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने होटल पार्टनर यशपाल दुआ, गुलशन दुआ, उमेश दुआ और शिवी दुआ सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ धारा 295-A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) के तहत केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मारपीट के दौरान न केवल शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं, बल्कि धार्मिक प्रतीकों और भावनाओं का भी अपमान किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर फरार हुए आरोपी
हैरानी की बात यह है कि मुख्य आरोपी यशपाल दुआ ने आज सुबह 10 बजे मीडिया के सामने अपना पक्ष रखने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। हालांकि, जैसे ही उन्हें खबर मिली कि पुलिस ने उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज कर लिया है, उन्होंने आनन-फानन में कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी और मौके से फरार हो गए। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
डॉ. परमजीत मरवाहा के आरोप
विवाद की शुरुआत 12 फरवरी को हुई, जब होटल के भीतर मालिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। होटल मालिक डॉ. परमजीत मरवाहा ने आरोप लगाया कि मात्र 5 फीसदी के पार्टनर यशपाल दुआ अपनी मनमानी शर्तें थोपना चाहते थे। जब उनकी बात नहीं मानी गई, तो उन्होंने शराब के नशे में उनके और उनके बेटे के साथ मारपीट की। आरोपियों ने उनकी पगड़ी तक उतार दी।
अकाल तख्त साहिब तक पहुंचा मामला
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉ. परमजीत मरवाहा ने न केवल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब को भी इस बेअदबी और अपमान के बारे में लिखित शिकायत भेजी है।
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