ਨਾਗਰਾ ਫਾਟਕ ਤੋਂ ਰਤਨ ਨਗਰ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਖਰਾਬ ਹੋਈਆਂ ਹਨ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੋ
ये संसार कर्म फल व्यवस्था के अनुसार चलता है ॥”जैसा करोगे वैसा भरोगे “
भक्ति रहित ज्ञान मार्ग निराधार है पतन होते देर नहीं लगती ।
ज़िंदा रहने के लिए भोजन ज़रूरी है भोजन से भी ज़्यादा पानी ज़रूरी है पानी से भी ज़्यादा वो वायु ज़रूरी है वायु से भी ज़्यादा आयु ज़रूरी है मगर मरने के लिए कुछ भी ज़रूरी





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