ਨਾਗਰਾ ਫਾਟਕ ਤੋਂ ਰਤਨ ਨਗਰ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਖਰਾਬ ਹੋਈਆਂ ਹਨ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੋ
अमृतसर के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में अब उनकी बेटी ने मीडिया के सामने आकर न्याय की गुहार लगाई है। बेटी ने मौजूदा सरकार के रवैये पर कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इस देश में आम आदमी और मंत्रियों के लिए अलग-अलग संविधान हैं? उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई आम नागरिक आरोपी होता, तो पुलिस अब तक उसे सलाखों के पीछे डाल चुकी होती, पर इस मामले में ऐसा नहीं हुआ है।
एक हफ्ते तक मानसिक उत्पीड़न का आरोप
मृतक की बेटी ने खुलासा किया कि उनके पिता पिछले एक हफ्ते से भारी मानसिक तनाव और टॉर्चर से गुजर रहे थे। उन्होंने बताया कि अब तक परिवार ने अपने पिता का पार्थिव शरीर तक नहीं देखा है और वे अपनी मांग पर अडिग हैं। बेटी का कहना है कि 24 घंटे का समय किसी भी जांच के लिए पर्याप्त होता है।
उन्होंने मांग की है कि मामले की गहन टेक्निकल जांच होनी चाहिए और भले ही व्हाट्सएप कॉल एन्क्रिप्टेड हों, लेकिन साइबर विशेषज्ञों की मदद से उनके पिता और आरोपियों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड निकाला जाना चाहिए।
सख्त सजा और जमानत न देने की मांग
इंसाफ की मांग करते हुए रंधावा की बेटी ने कहा कि आरोपी को कम से कम 20 साल की जेल होनी चाहिए और किसी भी कीमत पर उसे जमानत नहीं मिलनी चाहिए। केवल पद से इस्तीफा देना कोई समाधान नहीं है, बल्कि कानूनी कार्रवाई ही पीड़ित परिवार को सुकून दे सकती है।





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