Wed, 03 Jun 2026
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विनय तिवारी जी के मुख से ।

दूसरों की सेवा और परोपकार का दूसरा  नाम है “पूजा”
 

सब कुछ भगवान है ,ऐसा स्वीकार कर लेना सर्वश्रेष्ठ साधन है ।

संसार में जो है ।वो सब रामायण में है ।

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