Wed, 03 Jun 2026
Post Details

कर्म और धोखा बिना भुगतान ……. पंडित विनय तिवारी

विवेक से ही मिलेगी “शांति” मनुष्य की महानता उसकी विवेक शक्ति में ही है ।

मनुष्य का मूल्य उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं बल्कि उसके भाव और कर्म से निर्धारित होता है

कर्म और धोखा बिना भुगतान के पीछा नहीं छोड़ते ।

Views: 64

Comments & Discussions

Be the first to comment on this article!



Latest News

Number of Visitors - 164650