ਨਾਗਰਾ ਫਾਟਕ ਤੋਂ ਰਤਨ ਨਗਰ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਖਰਾਬ ਹੋਈਆਂ ਹਨ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੋ
जालंधर नगर निगम की हाउस बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 569.40 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया, जो शुरुआत से ही विवादों के साये में रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने 'शून्य काल' शुरू करने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। विपक्षी पार्षदों का आरोप था कि बजट पर चर्चा से पहले जनहित के मुद्दों पर बात होनी चाहिए। इस दौरान सदन में जोरदार नारेबाजी हुई और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
ढाई मिनट में निपटा दी गई बजट की प्रक्रिया
विपक्ष के भारी विरोध और हंगामे के बीच नगर निगम प्रशासन ने बेहद तेजी दिखाते हुए महज ढाई मिनट के भीतर ही बजट प्रस्ताव को पारित कर दिया। विपक्षी दलों ने इस जल्दबाजी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ करार दिया। पार्षदों का कहना है कि उनकी आवाज दबाई गई और जनता के जरूरी मुद्दों पर चर्चा का मौका नहीं दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद शहर का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।
विकास और खर्चों का वित्तीय विवरण
मेयर विनीत धीर द्वारा प्रस्तुत 569.40 करोड़ रुपये के इस बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने पर जोर दिया गया है। विकास कार्यों के लिए करीब 200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग सड़कों, सीवरेज और पानी की सुविधाओं को बेहतर बनाने में होगा। इसके अलावा, 312.70 करोड़ रुपये प्रशासनिक और परिचालन कार्यों के लिए और 55.56 करोड़ रुपये अन्य जरूरी खर्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं। मेयर का दावा है कि निगम की आय बढ़ने के कारण ही बजट के आकार में यह वृद्धि संभव हुई है।





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