Wed, 03 Jun 2026
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गुस्ताख़ की गुस्ताख़ियाँ

आज की  गुस्ताख़ी
09.04.2026

एक नेता जी ने
खूब भ्रष्टाचार फैलाया
एक सज्जन पुरुष ने उनसे पूछा-
"क्या आपको
भ्रष्टाचार फैलाते शर्म नहीं आती ?"
वह बोले-
"शर्म तो हमें
बहुत
आती है,
मगर क्या करें
यह कुर्सी हमसे "सब कुछ' करवाती है 

                                               --- गुस्ताख़

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