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बैसाखी के पावन पर्व को मनाने के लिए देशभर से करीब 2840 सिख श्रद्धालुओं का जत्था अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालु वहां स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन करेंगे और धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान “बोले सो निहाल… सत श्री अकाल” के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं को भावुक विदाई दी गई।
1763 श्रद्धालुओं का जा रहा है जत्था
दरअसल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक द्वारा 1795 श्रद्धालुओं के वीजा के लिए आवेदन भेजे गए थे, जिनमें से 1763 को मंजूरी मिली, जबकि 32 आवेदन रद्द कर दिए गए। यह धार्मिक यात्रा 10 दिनों की होगी और जत्था 19 अप्रैल को भारत लौटेगा। इस जत्थे की अगुवाई SGPC सदस्य सुरजीत सिंह तुगलवाल कर रहे हैं।
इस यात्रा में अलग-अलग सिख संस्थाओं के श्रद्धालु शामिल हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति से 409, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति से 255 और एसजीपीसी से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला है। इस तरह कुल 2840 श्रद्धालु बैसाखी के अवसर पर पाकिस्तान में गुरुधामों के दर्शन करेंगे।
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