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लुधियाना के जगराओं से वृंदावन की पावन धरा पर बांके बिहारी मंदिर के दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के लिए शुक्रवार की सुबह एक भीषण त्रासदी बनकर सामने आई। यमुना नदी पार करते समय एक नाव अचानक संतुलन बिगड़ने से पलट गई, जिसमें डूबने से 10 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई।
एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे का सबसे गहरा असर जगराओं के एक परिवार पर पड़ा, जिसने अपने 7 सदस्यों को एक साथ खो दिया। मृतकों में मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा जैसे करीबी रिश्ते शामिल हैं। जो परिवार खुशी-खुशी धार्मिक यात्रा पर निकला था, वह कुछ ही पलों में उजड़ गया। गांव और शहर में मातम पसरा हुआ है।
दो बसों में रवाना हुआ था श्रद्धालुओं का जत्था
9 अप्रैल को जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा 4 दिवसीय यात्रा के लिए दो बसों में करीब 130 श्रद्धालु रवाना हुए थे। इनमें से 90 श्रद्धालु जगराओं से थे। मंदिर में दर्शन करने के बाद लगभग 30 श्रद्धालु यमुना पार स्थित अन्य मंदिरों में जाने के लिए नाव में सवार हुए थे, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया।
सुरक्षा में भारी लापरवाही आई सामने
हादसे से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु ‘राधे-राधे’ का जाप करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किसी भी व्यक्ति ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। इस लापरवाही को हादसे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है, जिस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
मृतकों की पहचान, प्रधानमंत्री ने जताया शोक

हादसे में जान गंवाने वालों में इशान कटारिया, करोरी, कविता बहल, मधुर बहल, प्रिंसी, चरनजीत, आशा रानी, मीनू, राकेश गुलाटी और अंजू गुलाटी शामिल हैं। सभी परिवारों में शोक की लहर है और अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। इस दुखद घटना पर नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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