ਨਾਗਰਾ ਫਾਟਕ ਤੋਂ ਰਤਨ ਨਗਰ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਖਰਾਬ ਹੋਈਆਂ ਹਨ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੋ
पंजाब के लुधियाना में एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है, जहां एक वरिष्ठ नागरिक से ‘पिग बुचरिंग’ तकनीक के जरिए 19.84 करोड़ रुपए की ठगी की गई। इसे राज्य का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत साइबर फ्रॉड माना जा रहा है।
फेसबुक दोस्ती, करोड़ों की ठगी तक पहुंची
पीड़ित जगदीप सिंघल ने पंजाब पुलिस साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मई 2025 में फेसबुक पर ‘अनामिका रॉय’ नाम की महिला से उनकी बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे यह बातचीत दोस्ती में बदली और फिर उन्हें क्रिप्टो निवेश के नाम पर फंसाया गया।
नकली वेबसाइट से बनाया भरोसा
ठगों ने खुद को क्रिप्टो एक्सपर्ट बताते हुए एक अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर निवेश का झांसा दिया। पीड़ित से ‘क्वाइनएक्स-वीआईपी 2’ नाम की वेबसाइट पर ई-वॉलेट बनवाया गया, जो असली क्रिप्टो एक्सचेंज की हूबहू कॉपी थी। वेबसाइट पर हर निवेश के साथ बैलेंस बढ़ता दिखाया जाता रहा, जिससे पीड़ित का भरोसा लगातार मजबूत होता गया।
फर्जी मुनाफे से बढ़ाया गया निवेश
शुरुआत में छोटी रकम पर फर्जी मुनाफा दिखाकर पीड़ित को और निवेश के लिए प्रेरित किया गया। जैसे-जैसे विश्वास बढ़ा, ठगों ने बड़ी रकम लगाने के लिए दबाव बनाया। हालांकि, जब भी पीड़ित ने पैसा निकालने की कोशिश की, सिस्टम एरर या पेंडिंग स्टेटस दिखाया गया और नए-नए चार्ज जोड़ दिए गए।
‘पिग बुचरिंग’ तकनीक से की गई ठगी
इस पूरे फ्रॉड में ‘पिग बुचरिंग’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें पहले पीड़ित का भरोसा जीता जाता है और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम ठगी जाती है। वेबसाइट का इंटरफेस इतना असली जैसा था कि पीड़ित को लंबे समय तक धोखे का एहसास नहीं हुआ।
76 बैंक खातों का इस्तेमाल, जांच जारी
जांच में सामने आया कि ठगों ने 15 अलग-अलग बैंकों में 76 ‘म्यूल अकाउंट’ खोल रखे थे। इन खातों के जरिए पैसे को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर तेजी से ट्रांसफर किया गया, ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो सके। कुछ रकम को नकद में बदला गया, जबकि बाकी को डिजिटल वॉलेट्स में ट्रांसफर किया गया। फिलहाल पुलिस सभी खातों को फ्रीज कर ट्रांजेक्शन ट्रेल खंगाल रही है।





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