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पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चन्नी के फगवाड़ा रोड स्थित निवास पर आज शाम करीब 6 बजे हलका विधानसभा वेस्ट के नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक का उद्देश्य ‘गेट-टुगेदर’ के साथ-साथ वेस्ट हलके की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करना था, लेकिन बैठक के दौरान कांग्रेस के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में दो धड़े अलग-अलग नजर आए। एक धड़े में भगत समुदाय और टकसाली कांग्रेसी परिवार से सुदेश भगत (पूर्व उपप्रधान कांग्रेस कमेटी),पूर्व पार्षद बचन लाल ,पार्षद पति एवं कांग्रेस नेता नवदीप जरेवाल , अश्वनी जंगराल ( पूर्व ब्लाक प्रधान ),वरिंदर काली ( वार्ड प्रधान), जतिंदर कुमार , इंजी. अरुण रत्न (चेयरमैन , शिकायत निवारण कमेटी , कांग्रेस),लखबीर बाजवा ( पूर्व पार्षद),रमेश कुमार अपने साथियों सहित समय से पहले अपने धड़े के साथ सांसद से मिलने पहुंचे और जालंधर वेस्ट में हो रहे घटनाक्रम की पूरी जानकारी सांसद को दी। जबकि दूसरा धड़ा हल्का इंचार्ज मैडम सुरिन्द्र कौर के साथ शाम को सांसद से मिलने पहुंचा। गौरतलब है कि वेस्ट हलके में पहले भी गुटबाजी की शिकायतें सामने आती रही हैं। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि शहरी कांग्रेस कमेटी द्वारा कई बार वरिष्ठ नेताओं और पार्षदों को नजरअंदाज किया गया, जिससे नाराजगी बढ़ी है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस का यह हलका कमजोर हुआ और 2024 की जिमनी चुनाव में भी पार्टी तीसरे स्थान पर रही। अब मौजूदा स्थिति को देखते हुए पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर खींचतान और तेज हो गई है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह गुटबाजी क्या रूप लेती है इस गुटबाजी ने 2027 की विधानसभा की लड़ाई को एक नया रूप दे दिया है।
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