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जालंधर समेत पूरे देश में बुधवार को बकरीद का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह गुलाब देवी रोड स्थित ईदगाहों में मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और बकरीद की नमाज अदा की। नमाज के दौरान देश की तरक्की, अमन-शांति और भाईचारे के लिए दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की शुभकामनाएं दीं।
मुस्लिम समाज को ईद मुबारक देने पहुंचे सुशील रिंकू
बकरीद के मौके पर मुस्लिम समाज को शुभकामनाएं देने के लिए सुशील रिंकू भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की और देश में भाईचारे का संदेश दिया। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी कहा कि ईद का त्योहार मोहब्बत, इंसानियत और एकता का प्रतीक है। उन्होंने देश की तरक्की और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
देश के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
इस दौरान बातचीत में महंगाई, बेरोजगारी और नीट परीक्षा जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया गया। कहा गया कि देश में रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे अहम मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही। छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स की समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोगों को धर्म के नाम पर बांटने की बजाय विकास और शिक्षा पर फोकस होना चाहिए।
मोहब्बत से खत्म होगी नफरत
मौके पर भाईचारे और प्रेम का संदेश देते हुए कहा गया कि नफरत को केवल मोहब्बत से ही खत्म किया जा सकता है। लोगों से आपसी एकता बनाए रखने और देश की तरक्की में योगदान देने की अपील की गई। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और हर वर्ग के बच्चों को समान अवसर देने की बात भी कही गई।
बकरीद का धार्मिक महत्व
बकरीद को ईद-उल-अजहा के नाम से भी जाना जाता है। यह इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है। इस दिन मुसलमान अपनी प्रिय वस्तु की कुर्बानी देकर त्याग और समर्पण का संदेश देते हैं। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार ज़ुल-हिज्जा महीने की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। इसी दिन हज यात्रा का भी समापन होता है। परंपरा के अनुसार 28, 29 और 30 मई तक कुर्बानी की रस्म निभाई जाएगी।
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